कुबा की यात्रा: एक संवादात्मक अनुभव जो अंसार के पैगंबर मुहम्मद (उन पर शांति हो) के प्रति निष्ठा की शपथ लेने से लेकर हिजरा के बाद मदीना में उनका स्वागत करने तक की उनकी यात्रा का वर्णन करता है। यह अनुभव आगंतुकों को संवेदी और दृश्य माध्यमों से ऐतिहासिक घटनाओं में डूबने का अवसर प्रदान करता है, जो अंसार की खुशी और कुबा मस्जिद के निर्माण की कहानी को दर्शाता है।
बुस्तान अल-मुस्तज़िल: एक ऐतिहासिक स्थल, वह पहला स्थान जहाँ अल्लाह के रसूल (अल्लाह उन पर रहमत और सलाम भेजे) ने मक्का से हिजरत करने के बाद मदीना में कदम रखा था। उनके साथ उनके साथी अबू बक्र अल-सिद्दीक (अल्लाह उनसे प्रसन्न हो) भी थे।